कई लोगों की शिकायत होती हैं कि उनका मन कभी स्थिर रह ही नहीं पाता। कुछ पल पर पहले उनका मूड अच्छा रहता है और छोटी-छोटी बातों पर उनका मूड खराब हो जाता है। जीवन में आगे बढ़ने और संयम बनाए रखने के लिए मन का शांत रहना बहुत जरूरी है।
अगर आपका मन शांत रहेगा तो आप अपनी लाइफ का बैलेंस बनाए रख सकेंगे और अगर मन शांत नहीं रहता तो कभी भी आप खुद को लक्ष्य पर केंद्रित नहीं रख सकेंगे। तो अगर आपका मन भी बहुत भटकता है और मूड खराब रहता है तो इन उपायों से आपकी यह समस्या दूर होगी।
विचारों का करें परीक्षण
जिस पल आपको लगे कि आप अपने लक्ष्य पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं और बिना वजह इधर-उधर की बातों को अधिक सोच रहे हैं तो तुरंत उस दिशा में सोचने पर कुछ समय के लिए विराम लगाएं। कोशिश करने से यह काम आपके लिए आसान हो जाएगा और आप उस वजह को आसानी से पकड़ सकेंगे जिसकी वजह से अक्सर आपका मूड अचानक से बदल जाता है।
हालांकि, इस बात की जानकारी बहुत जरूरी है कि आपको एक साथ कई निरर्थक विचार आएं तो ही इस तरह के किसी उपाय का फायदा है। अगर आपका मूड बार-बार किसी एक ही विचार से बदल रहा है तो उसपर सोचना छोड़ने की नहीं, बल्कि उसको गंभीरता से लेने की बात है।
अतिसंवेदनशीलता से बचें
वैसे इस बात की संभावना बहुत कम होती है लेकिन यह भी तो हो सकता है कि आपका स्वभाव अतिसंवेदनशील हो, जिस वजह से आप किसी भी विषय पर बहुत अधिक सोच लेते हैं और उस बात को लेकर हमारा मूड खराब हो जाता है। बार-बार ऐसा होने पर हमें मानसिक अस्थिरता की समस्या बार-बार होती है।
ऐसे कुछ कारणों से कई बार आपको चिढ़ होती है क्योंकि को भी व्यक्ति अपने कंफर्ट जोन से बाहर नहीं आना चाहता। ऐसे में कोशिश करें कि आप खुद पर नियंत्रण रखें और भावनाओं के आवेग में न आएं।
दूसरी गतिविधियों में लगाएं मन
आपको सबसे अच्छा क्या लगता है? या कौन सी ऐसी चीज है जिसे खाकर आपका मूड अच्छा हो जाता है? आप मूड अच्छा करने के लिए ढेर सारी चॉकलेट खाते हैं? या फिर बागवानी से आपको खुशी मिलती है?
आपको जो कुछ भी अच्छा लगता है या आपका जो भी शौक है, अगर आप उसे अपनी जीवनशैली में अपनाएं तो यकीनन आप मूड के बदलवों को नियंत्रित कर पाएंगे। इन गतिविधियों से शरीर में 'फील गुड हार्मोन' पैदा होता है जो आपको सकारात्मक सोच देता है।
इसके अलावा, व्यायाम करने, कार्बोहाइड्रेट के सेवन या सूरज की रोशनी से शरीर में 'सेरोटोनिन' का स्तर बढ़ता है।
अवचेतन मन को समझें
कई बार ऐसे मौके भी आते हैं जब हम किसी एक विषय या कार्य पर केंद्रित रहने की बहुत सी कोशिशें करते हैं। ऐसे में कई बार हमारा मस्तिष्क हमें अपने अवचेतन हिस्से से तरह-तरह के संकेत देता है कि हम कहां गलत हैं या क्या हमसे नहीं हो सकता।
अगर आप इन अवचेतन मन के संकेतों को समझ लें तो आपको यह अहसास हो जाएगा कि आप क्या कर रहे हैं और आपको क्या करने की जरूरत है। इस तरह आप अपने मन को स्थिर रख सकते हैं और मूड में जल्दी-जल्दी आने वाले बदलावों को दूर कर सकते हैं।
अगर आपका मन शांत रहेगा तो आप अपनी लाइफ का बैलेंस बनाए रख सकेंगे और अगर मन शांत नहीं रहता तो कभी भी आप खुद को लक्ष्य पर केंद्रित नहीं रख सकेंगे। तो अगर आपका मन भी बहुत भटकता है और मूड खराब रहता है तो इन उपायों से आपकी यह समस्या दूर होगी।
विचारों का करें परीक्षण
जिस पल आपको लगे कि आप अपने लक्ष्य पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं और बिना वजह इधर-उधर की बातों को अधिक सोच रहे हैं तो तुरंत उस दिशा में सोचने पर कुछ समय के लिए विराम लगाएं। कोशिश करने से यह काम आपके लिए आसान हो जाएगा और आप उस वजह को आसानी से पकड़ सकेंगे जिसकी वजह से अक्सर आपका मूड अचानक से बदल जाता है।
हालांकि, इस बात की जानकारी बहुत जरूरी है कि आपको एक साथ कई निरर्थक विचार आएं तो ही इस तरह के किसी उपाय का फायदा है। अगर आपका मूड बार-बार किसी एक ही विचार से बदल रहा है तो उसपर सोचना छोड़ने की नहीं, बल्कि उसको गंभीरता से लेने की बात है।
अतिसंवेदनशीलता से बचें
वैसे इस बात की संभावना बहुत कम होती है लेकिन यह भी तो हो सकता है कि आपका स्वभाव अतिसंवेदनशील हो, जिस वजह से आप किसी भी विषय पर बहुत अधिक सोच लेते हैं और उस बात को लेकर हमारा मूड खराब हो जाता है। बार-बार ऐसा होने पर हमें मानसिक अस्थिरता की समस्या बार-बार होती है।
ऐसे कुछ कारणों से कई बार आपको चिढ़ होती है क्योंकि को भी व्यक्ति अपने कंफर्ट जोन से बाहर नहीं आना चाहता। ऐसे में कोशिश करें कि आप खुद पर नियंत्रण रखें और भावनाओं के आवेग में न आएं।
दूसरी गतिविधियों में लगाएं मन
आपको सबसे अच्छा क्या लगता है? या कौन सी ऐसी चीज है जिसे खाकर आपका मूड अच्छा हो जाता है? आप मूड अच्छा करने के लिए ढेर सारी चॉकलेट खाते हैं? या फिर बागवानी से आपको खुशी मिलती है?
आपको जो कुछ भी अच्छा लगता है या आपका जो भी शौक है, अगर आप उसे अपनी जीवनशैली में अपनाएं तो यकीनन आप मूड के बदलवों को नियंत्रित कर पाएंगे। इन गतिविधियों से शरीर में 'फील गुड हार्मोन' पैदा होता है जो आपको सकारात्मक सोच देता है।
इसके अलावा, व्यायाम करने, कार्बोहाइड्रेट के सेवन या सूरज की रोशनी से शरीर में 'सेरोटोनिन' का स्तर बढ़ता है।
अवचेतन मन को समझें
कई बार ऐसे मौके भी आते हैं जब हम किसी एक विषय या कार्य पर केंद्रित रहने की बहुत सी कोशिशें करते हैं। ऐसे में कई बार हमारा मस्तिष्क हमें अपने अवचेतन हिस्से से तरह-तरह के संकेत देता है कि हम कहां गलत हैं या क्या हमसे नहीं हो सकता।
अगर आप इन अवचेतन मन के संकेतों को समझ लें तो आपको यह अहसास हो जाएगा कि आप क्या कर रहे हैं और आपको क्या करने की जरूरत है। इस तरह आप अपने मन को स्थिर रख सकते हैं और मूड में जल्दी-जल्दी आने वाले बदलावों को दूर कर सकते हैं।

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